दिल्ली की जीत, विकास की जीत
दिल्ली विधानसभा चुनाव में 'हैट्रिक' बनाने वाली कांग्रेस पार्टी की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से हमारे संवाददाता संजीव कुमार ने जीत के कारणों, राष्ट्रमंडल खेलों और भविष्य की रूपरेखा को लेकर विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश-
- दिल्ली में लगातार तीसरी जीत को किस रूप में देखती हैं?
कांग्रेस पार्टी की लगातार तीसरी जीत बहुत बड़ा मायने रखती है। दिल्ली की जीत, विकास की जीत है। इतनी बड़ी जीत की हमें आशा नहीं थी, लेकिन जिस तरह से जनता ने हमारी सरकार के प्रति विश्वास व्यक्त किया है, उससे लगता है कि जनता ने हमारे काम को सराहा है। कांग्रेस पार्टी की यह शानदार विजय उसी का परिणाम है। इसके लिए मैं जनता की आभारी हूं। वैसे मेरा अंतर्मन जीत के प्रति आश्वस्त था।
- दिल्ली में जीत के पीछे आप क्या कारण मानती हैं?
वैसे तो जीत के पीछे अनेक कारण और मुद्दे होते हैं। लेकिन मेरे विचार से यह जीत 'काम को ईनाम' है। इसके अलावा सोनिया जी का सफल नेतृत्व, सही उम्मीदवारों का चयन एवं कार्यकर्ताओं का उत्साह भी सम्मिलित रूप से जीत के कारक बने।
- भाजपा ने जिस तरह आतंकवाद और महंगाई का मुद्दा उठाया था, क्या उसका असर कांग्रेस की जीत पर भी पड़ा?
नहीं। महंगाई और आतंकवाद जैसे भावनात्मक मुद्दे उठाकर अब जनता को बहलाया नहीं जा सकता। जनता अब समझदार हो चुकी है। इसलिए उसने भाजपा के महंगाई और आतंकवाद के मुद्दे को पूरी तरह नकार दिया। उसे पता है कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है और महंगाई वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ घटती-बढ़ती है।
- तीसरे कार्यकाल में आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
जनता ने जिस विश्वास के साथ हमें वोट किया है, उस पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करूंगी। दिल्ली में और अच्छे व बेहतर विकास के कार्य करने का प्रयास करूंगी। राष्ट्रमंडल खेल 2010 में होने वाले हैं। सबसे पहले उसे सफलतापूर्वक पूरा करवाने की भी जिम्मेदारी है। इसके अलावा परिवहन और प्रदूषण ऐसे क्षेत्र हैं, जहां और अधिक काम करने की जरूरत है।
- बीआरटी कॉरिडोर और अनधिकृत कॉलोनियों को लेकर सरकार का नजरिया क्या होगा?
बीआरटी कॉरिडोर की पुन: समीक्षा की जाएगी। यदि इस पर कार्य करना उचित होगा, तो इस प्रोजेक्ट पर कार्य किया जाएगा, अन्यथा इसे बंद कर दिया जाएगा। जहां तक अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का सवाल है तो इसके लिए हमने पहले ही 1639 कॉलोनियों को प्रोविजनल सर्टिफिकेट दे दिया है। इन कॉलोनियों में सड़कें, बिजली, पानी और सीवर के लिए 2800 करोड़ रुपये हमने अपने घोषणा-पत्र में निर्धारित किए हैं। इससे लगभग 50 लाख लोगों का जीवन स्तर अच्छा होगा।
हां, महंगाई आतंकवाद नहीं चले
चुनावी आकलनों के आधार पर भाजपा को जीत का भरोसा था, लेकिन उसे पराजय का मुंह देखना पड़ा। चुनाव से ठीक पहले भाजपा द्वारा विजय कुमार मल्होत्रा को मुख्यमंत्री घोषित करने के बाद भी दिल्ली में कोई करिश्मा नहीं हो सका। भाजपा की करारी हार के बाद भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार विजय कुमार मल्होत्रा से हमारे संवाददाता संजीव कुमार ने बात की। बातचीत के प्रमुख अंश-
- आप 35 से 40 सीट जीतने की बात कर रहे थे, क्या हुआ?
हमें जो फीड बैक मिला था, उसके अनुसार भाजपा को 35 से 40 सीट मिल रही थी, क्योंकि 'एंटीइंकमबेंसी' फैक्टर भाजपा के पक्ष में था। लेकिन चुनाव के परिणाम के बाद हमारी धारणा निर्मूल साबित हुई। हमें सिर्फ 23 सीटें मिल सकीं, जो हमारी अपेक्षा से बहुत कम हैं। मेरे विचार से कांग्रेस की जीत में विकास का मुद्दा प्रमुख रहा। वह मास्टर प्लान में से अनेक कार्य पूर्ण कर चुकी है और अनेक पर कार्य प्रारंभ है। इसे देखते हुए ही जनता ने उसे वोट दिया है।
- क्या भाजपा का महंगाई और आतंकवाद का मुद्दा नहीं चला?
चुनाव परिणाम के बाद तो यही कहा जा सकता है कि महंगाई और आतंकवाद का मुद्दा नहीं चला। वैसे प्रत्येक चुनाव में अनेक मुद्दे होते हैं। अब कौन मुद्दा चला और कौन नहीं चला, इसकी पड़ताल में हम लोग लगे हुए हैं। जो भी होगा, हम आप लोगों को बताएंगे।
- ऐसा कहा जा रहा है कि उम्मीदवारों का चुनाव भी भाजपा की हार की प्रमुख वजह रही?
नहीं। उम्मीदवारों का चुनाव पार्टी के प्रदेश अधयक्ष और संसदीय कमेटी के मध्य तय होता है। हम लोगों ने अधिकतर उपयुक्त उम्मीदवारों को ही टिकट दिया था। हां, कुछ लोग पार्टी से अवश्य नाराज हुए, जिन्हें हम मनाने में सफल नहीं हो सके। कुछ सीटों पर इसका खामियाजा पार्टी को अवश्य हुआ है।
- दिल्ली में भाजपा की हार के बाद आप केंद्र की राजनीति करेंगे या राज्य की राजनीति?
यह निर्णय लेना पार्टी की संसदीय कमेटी का काम है। मैं इस हार से सीख लेने की कोशिश कर रहा हूं। हार के लिए जिम्मेदार कारणों की पहचान करने में लगा हुआ हूं कि वह कौन सा ऐसा क्षेत्र था, जहां हम गलत साबित हुए।
- क्या आप विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे या लोकसभा में दल के उपनेता?
यह निर्णय करना भी पार्टी के नेताओं का काम है। मैं पार्टी के निर्णय का पालन करूंगा।
5 टिप्पणियां:
हिंदी लिखाड़ियों की दुनिया में आपका स्वागत। खूब लिखे। बढ़िया लिखें ..हजारों शुभकामनांए
ब्लॉगजगत में आपका स्वागत है। शुभकामनांए।
स्वागत है।
बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका हार्दिक स्वागत है.
खूब लिखें,अच्छा लिखें
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